Friday, June 28, 2019

यहा रेस खुदसे है ,
पाना खुद्द को खुद्द से है,
मिलाना है  उसे,
जो खो गया है,
दुसरो के लिये ,

आईने का वो सख्स जो
मिलना चाहता है खुदको
पर सून नही पाता अपने दिल की पुकार ,

कितने दिन हुए,
कितनी राते हुई,
क्यू नही  बाते करता
तू खुद्द से,
क्यू लडखडाता है तू,
क्यू डरता है ,
result से .
अपने खामोशिया को सून
वादे पुरे कर जो किये  थे
"खुदसे"