पिछले साल के कुछ रंग मैने आज भी संभाळ के रखे है
यादो के पने पे कुछ पॅराग्राफ युही छोडे है
मुझे याद है ओ सारी बाते जो तुम सिर्फ मुझसे करती थी.
हर शाम घंटो तुम सिर्फ मुझसे बात करती थी
तुम्हारी हर बचकानी बाते मुझे याद है,
हा मुझे तुमसे आज भी उतना ही प्यार है
हा जो छोडे है कुछ पॅराग्राफ ओ
इसलीये छोडे है की,
कुछ बाते तुम्हारी,
कुछ बाते मेरी थी,
बस जो हमे पुरी करणी थी..
#papilon
वादे किये थे जो तुमने संग मेरे
ओ भुलुंगा कैसे ,
रंग लगाये जो तुमने इशक के
उन्हे दिलसे निकालू तो कैसे
हा तुमने मुझे दि हुई घडी आज भी
कलाई पे पहनता हू मै
अक्सर तन्हाई मे, बाते करता हू उसिसे..
पुछता हू उसिसे
तू लौट के आती क्यू नही...
बैठ जाता हू मै अक्सर जहाँ मिलते थे हम
धुंडति है तुझे ही नजर ,
चलो कुछ वक्त के लिये तो आवो
जो तुमने दिये थे रंग पिछले
साल मुझे उन्हे ले जाणे तो आवो
#papilon
यादो के पने पे कुछ पॅराग्राफ युही छोडे है
मुझे याद है ओ सारी बाते जो तुम सिर्फ मुझसे करती थी.
हर शाम घंटो तुम सिर्फ मुझसे बात करती थी
तुम्हारी हर बचकानी बाते मुझे याद है,
हा मुझे तुमसे आज भी उतना ही प्यार है
हा जो छोडे है कुछ पॅराग्राफ ओ
इसलीये छोडे है की,
कुछ बाते तुम्हारी,
कुछ बाते मेरी थी,
बस जो हमे पुरी करणी थी..
#papilon
वादे किये थे जो तुमने संग मेरे
ओ भुलुंगा कैसे ,
रंग लगाये जो तुमने इशक के
उन्हे दिलसे निकालू तो कैसे
हा तुमने मुझे दि हुई घडी आज भी
कलाई पे पहनता हू मै
अक्सर तन्हाई मे, बाते करता हू उसिसे..
पुछता हू उसिसे
तू लौट के आती क्यू नही...
बैठ जाता हू मै अक्सर जहाँ मिलते थे हम
धुंडति है तुझे ही नजर ,
चलो कुछ वक्त के लिये तो आवो
जो तुमने दिये थे रंग पिछले
साल मुझे उन्हे ले जाणे तो आवो
#papilon
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